कोविड १९ ने स्वतंत्रता के मुख्य स्तंभ विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपलिका के खोंखलेपन को स्पष्ट कर दिया है।

अयोध्यापुरी। भारतवर्ष में एक अति प्राचीन कहावत है कि सुख के सब साथी दुख में न कोई। इसी कहावत के अनुरूप आज परिस्थिति उत्पन्न हो गई है, भारत की पूरी जनता त्राहि-त्राहि कर रही है, परंतु कोई भी व्यवस्था उसे संतुष्टि के बोल नहीं बोल पा रही है। कोरोना के...

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कोरोना आक्रमण के समय मोदी सरकार का अतिउदार व्यक्तित्व भारत के हित में नहीं है।

राजा रामचंद्र की जय, अयोध्या अधिपति का आशीर्वाद भारत पर और रामकाज में लगे शासन पर बना रहे। भारत इस समय समस्त विश्व की ही भांति कोरोना महामारी से युद्ध कर रहा है, भारत की असंख्य प्रजा भी इस युद्ध में एक सैनिक की तरह शासक के साथ खड़ी है,...

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अतिविकास, अतिविलाश और अतिसत्तामद का परिणाम है कोरोना महामारी

अयोध्यापुरी, पूरी दुनिया में जो कोरोना नाम की महामारी फैल चुकी है वह केवल संयोग नहीं है, अपितु दुनिया में प्रचलित अतिविकास, अतिविलाश और अतिसत्तामद का दुष्परिणाम है, जब दुनिया में विकास नहीं था, तब भी दुनिया में एश्वर्य था, खुशी थी, धन था वैभव था और ज्ञान, विद्या इत्यादि...

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हिंदुत्व बनाम गजवा-ए-हिन्द

राजा रामचंद्र की जय। हिंदुत्व की आदि भूमि भारत समेत समस्त विश्व में इस्लाम के आक्रमण के अलग-अलग आयाम रहे हैं। भारत के संदर्भ में इस आयाम का नाम है गजवा-ए-हिंद। इस्लाम के उदय के साथ ही, इस्लाम अपने शासन प्रणाली को विस्तृत करने और विश्वव्यापी करने के लिए सर्वप्रथम...

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मोदी के काश्मीर निति पर वोट अवश्य करें।

राजा रामचंद्र की जय, इस समय भारत में भरतवंश के उन मुक्त कुलों का शासन है जो अपने को अखंड भारत व राम भक्ति से जोड़ती है इसी कड़ी में रामराज्य प्रशासन द्वारा मोदी सरकार के काश्मीर निति पर यह वोटिंग कराई जा रही है। कृपया स्वयं भी वोट करें...

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राजा रामचंद्र के जन्मभूमि को खंडित करने वाले इस्लाम के साथ क्या करना चाहिए?

राजा रामचंद्र की जय, भारत ही नहीं पूरे विश्व के सम्राट राजा रामचंद्र जी का जो अयोध्यापुरी जन्मभूमि मंदिर खंडित  किया गया, जिसे इस्लाम के एक शासक बाबर द्वारा खंडित किया गया, यह सर्व विदित है। अब प्रश्न यह है कि ऐसे इस्लाम के साथ राजा रामचंद्र की प्रजा का...

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सनातन अर्थव्यवस्था का तीर्थ पक्ष

राजा रामचंद्र की जय। विश्व में सर्वप्रथम अर्थ की उत्पत्ति करने का श्रेय अयोध्या अधिपति राजा पृथु को जाता है, जिनके पुरुषार्थ के कारण ही विश्व को धर्म के बाद दूसरे सबसे लोकप्रिय मानव पुरुषार्थ अर्थ का ज्ञान हुआ, राजा पृथु के कारण ही धरती को दो अन्य नामों से...

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